09/01/2023
"जीवन"
तस्वीर सा है ये जीवन,
कई भाग में बंटा है ये जीवन,
न तो दुख में जीवन,
न सुख में जीवन,
जीवन तो है हर क्षण के आंनद में,
वक़्त कैसा भी हो,
वक़्त की तरह बनिए,
न रूकिए न थकिए,
जीवन की गति में ही जीवन,
जीवन की गति में ही जीवन।
-हेमा टिटारिया