04/05/2023
Tara jameen se chala hi gaya
तारा जमीं से चला ही गया
कुछ समय के लिए थम गया ये दिल
अनजाने में सहम गया ये दिल
खबर जिसको ठुकरा रहा था मन
पर वक्त के साथ प्रगाढ़ होती गयी
वह दुश खबर वह दुश खबर
लड़ियाँ निशानों की मिलती गयी
ह्रदय पे वॉर करती गयी
समय से साक्षात्कार हो ही गया
तारा जमीं से चल ही गया
पर सच तो सच है झुठला कैसे दूँ
जो लिख गया उसे मिटा कैसे दूँ
कुछ ठहर गया बहुत ही अंदर
कुछ टूट गया अपने ही अंदर
झिंझोड़ने लगी अतरंग यादें
बहने लगी यादों में यादें
कोई क्यों नहीं तुम्हारी जगह
बस तुम्हीं क्यों उसकी जगह
मन मान ही नहीं रहा
तुम्हारा इस तरह जाना
जाना भी इस तरह बहुत दूर
एक उल्कापिंड सा धूमिल होना
पल धूमिल नहीं होंगे वो गुजरे हुए
क्योंकि तुम मन में घर कर गए हो
हमेशा हमेशा के लिए