durgesh singh kori

durgesh singh kori दुर्गेश सिंह कोरी

21/05/2026

एंजॉय टाइम

06/05/2026
10/07/2025

जिसमें सत्य सुनने , और स्वीकारने की क्षमता नहीं वह हर चीज बुरी है।

सभी छात्रों को बहुत बहुत बधाई हो
13/06/2025

सभी छात्रों को बहुत बहुत बधाई हो

दुखद घटनाओमप्रकाश कोरी,सरल स्वभाव और मेहनती लड़का था ,पिछले साल ही उसकी शादी हुई थी। ओमप्रकाश का पूरा परिवार  खुशमिजाज ह...
24/04/2025

दुखद घटना
ओमप्रकाश कोरी,सरल स्वभाव और मेहनती लड़का था ,पिछले साल ही उसकी शादी हुई थी। ओमप्रकाश का पूरा परिवार खुशमिजाज है,परन्तु नियति को ये सब पसंद न था ,कल रात ओमप्रकाश अपने ही गांव के किसी किसान की प्याज बेचने शिवपुरी गया था उसी दौरान किसी चार पहिया वाहन से टक्कर के दौरान ओमप्रकाश की मौत हो गई और वह दुनिया छोड़कर चला गया और पीछे छोड़ गया रोते बिलखते मां बाप, पत्नी को।
ईश्वर उसको अपने श्री चरणों में जगह दे

विश्वास का अंधरूप21 वीं सदी में ज्ञान के मंदिर में इस प्रकार केअशोभनीय कृत्य ,मानव जाति  की मानवीयता पर प्रश्न चिन्ह लगा...
04/04/2025

विश्वास का अंधरूप
21 वीं सदी में ज्ञान के मंदिर में इस प्रकार केअशोभनीय कृत्य ,मानव जाति की मानवीयता पर प्रश्न चिन्ह लगाता है।

छोटी शिक्षिका टुक टुक और कनिष्क भाई बहन हैं,कनिष्क की उम्र 7 वर्ष और टुक टुक की उम्र 11साल है,दोनों घर के पास स्थित सीएम...
22/03/2025

छोटी शिक्षिका

टुक टुक और कनिष्क भाई बहन हैं,कनिष्क की उम्र 7 वर्ष और टुक टुक की उम्र 11साल है,दोनों घर के पास स्थित सीएम राइज स्कूल में कक्षा 6 और कक्षा 1 में पढ़ते हैं,
टुक टुक बड़ी बहन के साथ साथ कनिष्क की अच्छी अभिभावक भी है,महज इतनी कम उम्र में उसे अभिभावक कहना अतिशयोक्ति न होगी ,क्योंकि मम्मी तो दोनों को एक साथ तैयार करके 9 AM बजे विद्यालय भेज देती हैं जबकि स्कूल खुलने का समय 10:30 है,उनसे जब पूछा जाता है,तो बोलते हैं,आगे की चेयर नहीं मिलती परन्तु डेढ़ घंटा पहले स्कूल में जाकर अपने दोस्तों के साथ धूम मचाने वाले कनिष्क को कंट्रोल करने का असफल प्रयास टुकटुक जीजी को ही करना है,कभी वह अलोली और क्रिश जो उसके अच्छे दोस्त हैं के साथ मिलकर बर्फ पानी खेलता तो कभी कीचड़ युक्त स्कूल मैदान में पकड़म पकड़ाई खेलते समय बिना किसी कारण के लेट जाता है ,जीजी जब कहती कि तूने कपड़े गंदे कर लिए तो कहता कि में तो दौड़ते समय गिर गया हु ,इतना ही नहीं घर से जो 5 रुपए ले जाता है तब दिन भर उसके तेवर एक पूंजीपति सेठ जैसे रहते हैं और उन रुपयों की जो चीज लाएगा उसे बाकायदा अपने दोस्तों में बांट देगा पर जीजी को नहीं देगा ।
जीजी(टुकटुक) इसकी शिकायत भी करती हैं, कि ये स्कूल से बाहर घूमता है और मैदान में लोटता फिरता है,तो बड़ा निरीह बनकर कहेगा ,कि तुम तो अनीता मेम से पूछ लो पूरा होमवर्क करके ले जाता हु बल्कि जीजी ही मुझे स्कूल में मारती है।
जीजी भी बिना किसी द्वेष भावना के दिन भर उसे संभालती है घर आकर उसे होमवर्क करने के लिए प्रेरित करना ,तो कभी शिकायत करना कि ये स्कूल में लंच खुद नहीं खाता दोस्तो को खिला देता है।
फिर वो दोस्तो की सिफारिश में बकील बन जाएगा और कहेगा कि ने भी तो मुझे खिलाते है जीजी झूठ बोलती है ,
घर आने के बाद भी जीजी पढ़ने में लग जाएगी और बो खुद को चिंतन मुक्त संत जैसे स्वयं को किसी काम जैसे कपड़ों गेंद बनाना,मोबाइल में देखकर छोटी मोटी जादू सीखना फिर सबको बताकर प्रयोग करना ।
उसका सीखी कलाकारी का पहला दर्शक जीजी ही होती है,दूसरी उसकी मम्मी पर मम्मी तो मन रखने के लिए उसकी जादू पर यकीन कर लेती है,पर उसकी इन ट्रिक का जीजी एक समीक्षक बनकर पल भर में पर्दाफाश कर देती और फिर दोनों की लड़ाई हो जाती है, और इस लड़ाई में जीत के चांस हमेशा उसी के रहते हैं क्योंकि जीजी के बाल उसकी कमजोरी चोटी पकड़कर खींच देता तो जीजी तीखे स्वर में बोलती ये मार रहा है,मम्मी बोलती है कि तू इतनी बड़ी हो गई इससे मार खा लेती हैं,तो बढ़े ही ममत्व, और बड़प्पन के तीव्र स्वर में बोलेगी , जे एक भी न झेल पाएगा,लड़ाई में अगर उसकी गलती हुई तो बड़े ही फ़ुसक फुसक कर रोएगा जब तक कि मम्मी थोड़ी सी जीजी को मारे न।
दिन भर की जद्दो जहद में,जीजी उसे लगातार उसे सड़क पर चलना सिखाना,होमवर्क करवाना,किसी से लड़ाई हो जाए तो ढाल बनकर खड़ी रहना,
ईश्वर के अनुपम रिश्ते भाई बहन के रूप में दिखते हैं,अगर बड़ी बहन साथ है तो ऐसा लगता हे कि मां के साथ है,वह हमेशा मां जैसा प्यार पिता जैसी डांट ,दोस्त जैसी मुस्कान बिखेरती है।
कभी कभी तो भाई के कृत्य की डांट भी स्वयं खा लेगी ,फिर बोलेगी बेटा आज तो मैंने बचा लिया अब न बचाऊंगी।
अब दोनों के पेपर खत्म हो गए दिन भर कनिष्क की शैतानी दिमाग से जीजी और मम्मी दोनों ही परेशान है,पूरे घर में सामान बिखेरने के बाद कह देता है कि मैने नहीं किया,उसको भला बुरा कहते हुए फिर जीजी सामान को यथावत जमाएगी , और हर बार एक बात जरूर कहेगी, जे कतई लिखकर नहीं आया फैल हो जाएगा और वो बार बार दोहराएगा कि,जीजी तू चाहे हो जाए मैने तो पूरा पेपर किया है।
दुर्गेश सिंह

माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश अनुसार 27%ओबीसी आरक्षण दे मध्य प्रदेश सरकार
21/03/2025

माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश अनुसार 27%ओबीसी आरक्षण दे मध्य प्रदेश सरकार

आज हम 21 वीं शताब्दी में जी रहे हैं, और समाज की सोच आदिम होती जा रही है,जब लोग बिना ज्ञान के भूत प्रेत पिशाच के चक्कर मे...
19/03/2025

आज हम 21 वीं शताब्दी में जी रहे हैं, और समाज की सोच आदिम होती जा रही है,जब लोग बिना ज्ञान के भूत प्रेत पिशाच के चक्कर में लोगों की जाने ले लेते थे ,लेकिन आज भी यदा कदा ऐसी हृदय बिदारद घटनाएं मन में एक सूक्ष्म संशय पैदा करती हैं,कि क्या बकाई इस वैज्ञानिक युग में भूत बचे हैं।
और अगर बचे भी हैं तो इस मासूम से क्या लेने आए हैं,बतादे
शिवपुरी- कोलारस थाना क्षेत्र के रामनगर गांव में विगत दिनों
6 माह के मासूम मयंक धाकड़ को तांत्रिक रघुवीर धाकड़ द्वारा मशान का साया बताकर आग के ऊपर उल्टा टांग दिया था।जिससे उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई थी।और चेहरा भी झुलस गया था जिसका उपचार ग्वालियर में चल रहा था आज उक्त मासूम बच्चे की उपचार के दौरान मौत हो गई ।
यह घटना तो हमारे सामने आ गई ,ऐसी कई घटनाएं हे जो अंधविश्वासों से घटित तो होती हैं,पर जन सामान्य में उजागर नहीं हो पाती ।
इसलिए बच्चों को पढ़ाएं ,बैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दे,इन चक्करों में आकर जन धन ओर समय की हानि से बचे ।
किसी प्रकार का कोई जादू जंतर नहीं होता

16/02/2025

गोपाल तेरी गईयों का बुरा हाल है

Address

Gram Sadbudh
Badarwas

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when durgesh singh kori posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category