21/12/2025
गोविंद साहब बाबा का ऐतिहासिक मेला 🙏
यह मेला सिर्फ़ एक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और इतिहास की जीवित मिसाल है। कहा जाता है कि यह मेला लगभग 233 सालों से भी अधिक समय से लगातार लग रहा है। इसकी जड़ें उस समय से जुड़ी हैं, जब लगभग 400 साल पहले गोविंद साहब बाबा ने इसी पावन भूमि पर समाधि ली थी। तभी से यहां यह भव्य मेला लगना शुरू हुआ और आज भी उसी श्रद्धा और विश्वास के साथ चलता आ रहा है।
इस मेले में हर तरह की चीज़ें देखने और खरीदने को मिलती हैं। पहले के समय में यहां गाय, भैंस, ऊँट, हाथी, घोड़ा, भेड़, भेड़ी, छड़ी जैसे कई जानवर भी देखने को मिलते थे। साथ ही रोज़मर्रा के सामान से लेकर पारंपरिक वस्तुओं तक सब कुछ उपलब्ध रहता है।
मेले की रौनक तब और बढ़ जाती है जब दूर-दूर के राज्यों से कलाकार यहां आकर अपना हुनर और प्रदर्शन दिखाते हैं। अलग-अलग राज्यों से लोग अपनी-अपनी दुकानें लगाकर इस मेले की शोभा बढ़ाते हैं।
श्रद्धालुओं और व्यापारियों की भारी भीड़ को देखते हुए यहां पुलिस प्रशासन पूरी तरह तैनात रहता है और मेले की सुरक्षा व्यवस्था हमेशा चुस्त-दुरुस्त रहती है।
गोविंद साहब बाबा का यह मेला आज भी लोगों को जोड़ने वाला, आस्था जगाने वाला और हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने वाला एक अद्भुत संगम है। 🙏✨