PDA Professional Dance Academy

PDA Professional Dance Academy Welcome to the Official Page of Professional Dancne Academy
█║▌│█│║▌║││█║▌║▌║
Verified☑Please Share this if you Like it"Because Sharing is Caring".....

PDA provide high-quality dance training to KIDS and ADULTS of all ages! Our philosophy is to create a safe and nurturing environment where students can have the opportunity to develop confidence, learn discipline, and explore self-expression.. Institute who helps us to dream to become a Dancing Star of India. PDA Dance Institute, as it has been named, will train students in free style, hip hop, b

reak dance, jazz, Bollywood style, contemporary, waltz, salsa etc. The PDA Institute is an intensive training ground aimed at creating well rounded individuals and all round professionals in the field of Dance.

09/10/2015

hello friends

01/10/2015
i love DANCE "do you" ?
03/01/2015

i love DANCE "do you" ?

28/11/2014
27/11/2014

good morning DANCERS how are you all ? lets dance ;P

share max if you love D-DANCE
25/11/2014

share max if you love D-DANCE

17/11/2014

do you LOVE dance ? yes or no

Good Morning
09/11/2014

Good Morning

Life is like dancing. If we have a big floor, many people will dance. Some will get angry when the rhythm changes. But l...
06/11/2014

Life is like dancing. If we have a big floor, many people will dance. Some will get angry when the rhythm changes. But life is changing all the time.

CLICK HERE TO LIKE https://www.facebook.com/PDAOFFICIAL?ref=hl

कोई भी व्यक्ति के जीवन किस प्रकार से आगे बीतेगा उसका एक अति महत्वपूर्ण आधार उसका व्यक्तित्व है. हमारे जन्म से ले कर हमार...
13/10/2014

कोई भी व्यक्ति के जीवन किस प्रकार से आगे बीतेगा उसका एक अति महत्वपूर्ण आधार उसका व्यक्तित्व है. हमारे जन्म से ले कर हमारी मृत्यु तक हमारे सारे क्रिया कलापों का एक बड़ा आधार हमारा ही व्यक्तित्व होता है, वस्तुतः व्यक्तित्व शब्द भले ही छोटा हो लेकिन इसका वृहद वृत्तांत हो सकता है जो की हर एक व्यक्ति के जीवन में महद रूप से सभी कार्यमें असरकरता है. हमारे अंदर की भावनात्मक एवं व्यवहारात्मक प्रक्रिया को ही हमारा व्यक्तित्व कहते है. निःसंदेह एक उच्चतम व्यक्तित्व का धनि व्यक्ति जीवन में ज्यादा से ज्यादा सफलता की प्राप्ति कर सकता है, वहीँ दूसरी तरफ नकारात्मक व्यक्तित्व अर्थात अपने मानस में हिन् भावनाओं को ले कर चलने वाले व्यक्तित्व पूर्ण व्यक्ति अपने जीवन में सफलता का उतना स्वाद नहीं ले पाते है.

देखा जाए तो हमारे मानस के विचार एवं विचार पर होने वाली प्रतिक्रिया ही हमारे सारे कार्यों की सफलता या असफलता का निर्धारण करती है क्यों की कहीं न कहीं सकारात्मक एवं नकारात्मक विचारों का असर हमारे मस्तिस्क से हमारे शरीर एवं शरीर से हमारे कार्यों के ऊपर एक निश्चित ऊर्जा का आघात तो करता ही है. हमारे अंदर जितनी ही ज्यादा नकारात्मक उर्जा का संग्रह होगा उतना ही हमारे व्यक्तित्व के ऊपर उसका नकारात्मक प्रभाव होगा. हम तनाव में रहें या अवसाद से घिरे रहें तो निश्चय ही हमारे कार्य योग्य रूप से नहीं होते, वहीँ कई बार आत्मविश्वास की कमी के कारण भी कई प्रकार के कार्य हम कर नहीं पाते है.

प्रस्तुत साधना प्रयोग व्यक्तित्व के विकास के सन्दर्भ में है जहां पर साधना के माध्यम से नकारात्मक उर्जा को दूर कर हमारे अंदर स्पष्ट एवं पूर्ण उर्जा को भरा जा सके. यह साधना यूँ तो सभी साधको के लिए उपयोगी ही है क्यों की इस साधना से कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते है जो की न सिर्फ भौतिक परन्तु अध्यात्मिक जीवन के लिए भी आवश्यक है.

साधक के अंदर ही हिन् भावना का शमन होता है फल स्वरुप उसे जीवन सबंधित नयी द्रष्टि की प्राप्ति होती है तथा जीवन को पूर्ण रूप से जीने की एक उमंग व्याप्त होती है.

साधक के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है फल स्वरुप उसे हमेशा प्रगतिमय रहने के लिए आतंरिक प्रेरणा मिलती रहती है.

कई साधक भाई बहेनो को संकोच की समस्या होती है, इसी कारण उनका व्यक्तित्व उभर कर सब के मध्य नहीं आ पता है इस साधना से साधक के अंदर के संकोच आदि से धीरे धीरे मुक्ति मिलती है.

इस प्रकार यह प्रयोग सभी के लिए एक पूर्ण लाभदायक प्रयोग है. यूँ तो यह एक दिवसीय प्रयोग है लेकिन साधक इसको अपने सामर्थ्य अनुसार एवं अपनी स्थिति के अनुसार जितने दिन करना चाहे कर सकता है.

यह साधना साधक किसी भी शुभ दिन शुरू कर सकता है. साधक यह विधान दिन या रात्रि के किसी भी समय में कर सकता है.

साधक को स्नान कर सफ़ेद वस्त्र को धारण कर सफ़ेद आसन पर बैठना चाहिए. साधक का मुख पूर्व दिशा की और हो.

सर्व प्रथम साधक गुरु पूजन सम्प्पन करे तथा सदगुरु से साधना में सफलता के लिए आशीर्वाद प्राप्त करे.

साधक सर्व प्रथम एक भोजपत्र पे या सफ़ेद कागज़ पे त्रिगंध से (केसर, कुमकुम, कपूर) उपरोक्त यंत्र का निर्माण करे. साधक किसी भी कलम का प्रयोग कर सकता है. अनार की कलम श्रेष्ठ है.

इस यंत्र को साधक अपने सामने स्थापित करे तथा अक्षत, पुष्प आदि समर्पित करे. पूजन में साधक को तेल का दीपक प्रज्वालित्त करना चाहिए.

इसके बाद साधक गणेश पूजन आदि सम्प्पन कर न्यास करे.

WANA DANCE with me ?
07/10/2014

WANA DANCE with me ?

Address

Ambala Cantt
133001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when PDA Professional Dance Academy posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Establishment

Send a message to PDA Professional Dance Academy:

Share