16/07/2025
शहडोल के बाद मैहर में भी ड्राईफ्रूट घोटाला, भवन निर्माण के नाम पर मिठाई, नमकीन और काजू-किशमिश के बिल पास!
मैहर। शहडोल में उजागर हुए ड्राईफ्रूट और पोताई घोटाले की गूंज अभी थमी नहीं थी कि अब सतना जिले के मैहर क्षेत्र से भी चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रामनगर जनपद पंचायत की मूर्तिहाई ग्राम पंचायत में भवन निर्माण कार्य के नाम पर मिठाई, ड्राईफ्रूट और नमकीन के बिल पास किए गए हैं, जिससे पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
पंचायत दर्पण पोर्टल पर अपलोड दो अलग-अलग बिलों में से एक बिल में जहां ईंट, रेत, सीमेंट, गिट्टी और गेट मरम्मत जैसे निर्माण कार्य दर्शाए गए हैं, वहीं दूसरे बिल में 10 किलो लड्डू, 5 किलो नमकीन, 4 किलो काजू, 500 ग्राम किशमिश, 200 चाय कप, 200 नाश्ता प्लेट, 20 दर्जन केले, 200 पानी की बोतलें और 1 किलो चायपत्ती जैसी खाने-पीने की वस्तुएं खरीदी गई बताई गई हैं।
हैरत की बात यह है कि यह फर्म सरपंच रामबली वैश्य के पुत्र की बताई जा रही है, जो भाजपा मंडल अध्यक्ष भी हैं। दोनों बिलों पर सरपंच और पंचायत सचिव रामदेव वैश्य के हस्ताक्षर और मुहर मौजूद हैं। वहीं फर्म के प्रोप्राइटर के रूप में संदीप कुमार बैस का नाम दर्ज है।
पहला बिल 27 फरवरी 2024 का है जिसकी राशि ₹44,875 है, जबकि दूसरा बिल 22 तारीख का है (महीना स्पष्ट नहीं), जिसकी राशि ₹12,350 बताई गई है। सरपंच से जब इस संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने पूरे मामले को सचिव की गलती करार दिया और दावा किया कि नाश्ते का सामान नकद में मंगाया गया था, लेकिन बिल निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ता फर्म से कटवा लिया गया।
फर्म के उनके पुत्र से संबंध पर पूछे गए सवाल को टालते हुए सरपंच ने कहा कि वे अभी व्यस्त हैं, बाद में बात करेंगे।
इस प्रकरण पर जनपद पंचायत रामनगर के सीईओ मुन्नीलाल प्रजापति ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है और जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।